उरई में आंदोलन को सशक्तता प्रदान करने के लिए कमेटी गठित

‘‘भ्रष्टाचार को लेकर किया जा रहा देशव्यापी आन्दोलन एक या दो दिनों में समाप्त होने वाला नहीं है। इसके लम्बे समय तक चलने की सम्भावना है और ऐसे में आवश्यक है कि हम सभी लोग एकजुटता के साथ इसके लिए संघर्षरत रहें। यह सम्भव है कि हममें से बहुतों के साथ आपस में समन्वय की स्थिति नहीं बन पाती है तो हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हम अपने संघर्ष को स्वार्थ के लिए नहीं अपितु राष्ट्रहित के लिए कर रहे हैं। इसके लिए भले ही हममें मतभेद हों किन्तु मनभेद जैसी स्थिति कतई न हो।’’ उक्त विचार आज गहोई ध्र्मशाला में आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे डा0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने व्यक्त किये। विगत 16 अगस्त से अन्ना के स्वर में स्वर मिलाते हुए उरई के आन्दोलनकारियों ने सार्थक और परिणामपरक संघर्ष हेतु एक कमेटी के गठन करने के सम्बन्ध में नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, समाजसेवियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों आदि के सुझावों तथा भावी रणनीति बनाने के सम्बन्ध में इस बैठक का आयोजन किया गया था। डा0 कुमारेन्द्र ने कहा कि आगे से आन्दोलन के दौरान जनलोकपाल बिल पर भी विस्तृत चर्चा होगी तथा आन्दोलन को गली-मुहल्ले तक ले जाना पड़ेगा। अपने सुझावों में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन एक पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को तथा राष्ट्रपति को लिखकर जनलोकपाल बिल लाने और सरकारी बिल को हटाने की माँग करे।

बैठक में जनपद में चलाये जा रहे आन्दोलन को और धार देने के लिए सर्वसम्मति से एक कमेटी का गठन किया गया और सभी से अपील की गई कि आन्दोलन को मुखर और दिशाबद्ध रूप देने के लिए सभी को स्वेच्छा से इस आन्दोलन में भाग लेना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस कमेटी में संयोजक के रूप में जुझारू और प्रतिबद्ध शिक्षक नेता गिरीन्द्र सिंह कुशवाहा होंगे जिनकी किसी भी दल के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं है और इनका सहयोग करने के लिए क्रान्तिकारी युवा नेता संजय दुबे को सह-संयोजक के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया। इस कमेटी के आरम्भिक स्वरूप का गठन करने के लिए अशोक गुप्ता ‘महाबली’, अंशुमन सिंह सेंगर, सूर्य कुमार पाण्डेय, रवीन्द्र पाल, अजय राजपूत, गोपाल मिश्रा, आशीष तिवारी, नरेन्द्र यादव, अरुण प्रताप सिंह, दीनदयाल, राजीव महेश्वरी, डा0 जयश्री पुरवार को सर्वसम्मति से चुना गया तथा आगे आवश्यकतानुसार कमेटी के विस्तार की जिम्मेवारी कमेटी संयोजक गिरीन्द्र सिंह को सौंपी गई।

बैठक में जनपद के प्रसिद्ध कामरेड कैलाश पाठक ने कहा कि हम सभी जनलोकपाल बिल के साथ पूरी ताकत के साथ जुड़े हैं और अन्य राजनीतिक दलों से आवाहन करते हैं कि वे भी भ्रष्टाचार मिटाने के लिए दलीय प्रतिबद्धता को त्याग कर एक मंच पर आयें।

डी0वी0कालेज के राजनीति विज्ञान के डा0 राजेन्द्र पुरवार ने कहा कि अन्ना की बातों से और सरकार के रुख से स्पष्ट हो रहा है कि इस लड़ाई का हल तुरन्त नहीं निकलने वाला है। इसके लिए हो सकता है कि आने वाले दिनों में जेल भरो आन्दोलन करना पड़े। इसके लिए बुजुर्ग लोग आगे आयें।





कमेटी के सह-संयोजक संजय दुबे ने कहा कि बुजुर्गवार हम युवाओं को रास्ता दिखाने के लिए आगे आयें क्योंकि युवा वर्ग बहुत देर तक ऐसी स्थिति में गाँधी बन कर नहीं रह सकता है और सरकार के इस तरह के ढुलमुल रवैये के कारण से उसके भीतर के भगत सिंह, राजगुरु, आजाद, अशफाक जाग भी सकता है।

गाँधी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग से सम्बद्ध तथा इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के जिला प्रभारी डा0 राकेश नारायण द्विवेदी ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि हम सभी को अभी आन्दोलन को शान्तिपूर्ण ढंग से चलाये जाने की आवश्यकता है। इसमें हमारी ओर से एक भी किसी गलती का फायदा सरकार उठाकर पूरे आन्दोलन को बदनाम कर सकती है।

अमर उजाला के ब्यूरो चीफ अनिल शर्मा ने कहा कि पूरा आन्दोलन स्फूर्त रूप से चल रहा है और ऐसे में हमें ध्यान रखना होगा कि आन्दोलन में किसी भी प्रकार से नीरसता और बोझिलता न आने पाये ऐसा होने पर मीडिया और जनता का ध्यान इससे भटकने की सम्भावना है।

डी0वी0 कालेज के हिन्दी विभाग के डा0 रामप्रताप सिंह ने कहा कि नगर में एक प्रकार की बहस की आवश्यता महसूस हो रही है जिसमें जनलोकपाल के समर्थक प्रतिनिधि और सरकारी लोकपाल बिल के समर्थक प्रतिनिधियों के विचारों के बाद जनता स्वयं विचार करे कि कौन सा बिल समाज के लिए प्रभावकारी है।

आन्दोलन को सशक्तता के साथ गति देने वाले अशोक गुप्ता ने कहा कि आन्दोलनकारियों ने अभी तक बिना किसी कमेटी के पूरी अहिंसात्मकता के साथ आन्दोलन को सक्रियता प्रदान की है। यह इस नगर के युवाओं की, छात्रों की सक्रियता का परिणाम है और इसी सक्रियता का विस्तार करने के लिए ही कमेटी का गठन किया गया है।

बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा से जुड़े छात्र नेता आदित्य व्यास ने कहा कि कमेटी एक ऐसी कमेटी का भी गठन करे जो जनपद के भ्रष्टाचार को रोकने का कार्य करे। छात्र नेता और कमेटी के सदस्य आशीष तिवारी ने कहा कि आन्दोलन के लिए एक ऐसी युवा टीम बनाई जाये जो स्वयं आन्दोलन को सक्रियता देने की जिम्मेवारी ले और इसका प्रचार-प्रसार चैबीसों घंटे करती रहे। पूर्ण रूप से इसी आन्दोलन में सक्रिय संजीव यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जो इस आन्दोलन से जुड़ा है वह प्रातःकाल दो घंटे नगरवासियों को जागरूक करने का कार्य करे और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में धरनास्थल पर आने के लिए प्रेरित करे।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि

1- युवाओं की कुछ टीम इस तरह की भी बनाई जायेंगी जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।

2- प्रतिदिन शाम को सात बजे निकलने वाला मोमबत्ती जुलूस शहर के मुख्य मार्ग के अतिरिक्त गली, मोहल्ले से गुजर कर यहां निवास कर रहे लोगों को जागरूक करेगा।

3- नगर के रंगमंच के कलाकारों, साहित्यकारों आदि के द्वारा नगर में विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, कवि सम्मेलन आदि के द्वारा भी लोगों को भ्रष्टाचार के विरोध में आने को प्रेरित किया जायेगा।

4- नगरवासियों को जनलोकपाल बिल के बारे में समझाकर उन्हें इसके प्रति सचेत किया जायेगा।

5- प्रत्येक आन्दोलनकारी अपने परिवार के लोगों को और पड़ोस के लोगों को भ्रष्टाचार न करने को समझाया जायेगा।

6- जनलोकपाल बिल लाने को और सरकारी लोकपाल बिल को हटाने के लिए प्रतिदिन सभी सदस्यों द्वारा एक पोस्टकार्ड राष्टपति और प्रधानमंत्री को लिखा जायेगा।

सांसदों, जनप्रतिनिधियों के आवासों के बाहर उन्हें घेरने की बात पर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी 22 अगस्त को सभी लोग सुबह 10 बजे धरनास्थल तहसील गेट पर एकत्र होगे और वहीं से जुलूस के रूप में चलकर सांसद घनश्याम अनुरागी के आवास पर धरना दिया जायेगा।

बैठक में विचार व्यक्त करने वालों में पंकज गुप्ता, पंकज द्विवेदी, रामसिंह प्रधानाचार्य, गोपाल मिश्रा, युद्धवीर कंथरिया, कामरेड राधेलाल गुप्ता, सूर्यनारायण पाण्डेय, ओमनारायण पाठक, डा0 अनुज भदौरिया, डा0देवेन्द्र नाथ, लक्ष्मण बाबानी, सूर्यनायक,दीनदयाल काके, परमात्माशरण ‘गीतेश’ आदि सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। संचालन गिरीन्द्र सिंह कुशवाह ने किया।



उरई-- अन्ना के आन्दोलन के साथ -- पहला दिन



अन्ना के आन्दोलन को सारे देश में समर्थन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन के उरई में भी समर्थन की स्थिति किसी भी महानगर से कम नहीं है। आज सुबह जैसे ही अन्ना के गिरफ्तार होने की खबर उरई में फैली वैसे ही सभी वर्गों के लोगों में कुछ कर गुजरने की भावना जाग्रत हो उठी।

जैसा कि कई दिनों से ही इस बात के संकेत मिल रहे थे कि अन्ना के अनशन पर बैठने के साथ ही उरई में भी पिछली बार की तरह अनशन, धरने आदि किये जायेंगे। इस बात के लिए तहसील गेट पर, शहीद पार्क में, गांधी चबूतरा आदि पर लोगों ने अनशन करने का पहले से ही मन बना लिया था।

अन्ना के पूर्वघोषित कार्यक्रम से अपना स्वर मिलाते हुए लोगों का सुबह 7-8 बजे से ही जुड़ना शुरू हो गया था, इस बीच अन्ना की गिरफ्तारी ने लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश सा भर दिया। इसी आक्रोश के चलते लगभग समूचे शहर में आन्दोलनात्मक हलचल दिखाई देने लगी।

कोई दो सौ जागरूक लोगों ने तहसील गेट पर सुबह 9 बजे के आसपास पहुचकर अपना आन्दोलन शुरू कर दिया था। दूसरी ओर माहिल तालाब से भी इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के जिला प्रभारी डा0 राकेश नारायण द्विवेदी के नेतृत्व में लगभग एक सैकड़ा लोगों ने जुलूस की शक्ल में तहसील गेट की ओर बढ़ना प्रारम्भ किया। ‘‘अन्ना तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’’, ‘‘मुझे करो गिरफ्तार, मैं हूं अन्ना’’, ‘‘भ्रष्टाचारियो, अब तो दुनिया छोड़ दो’’, ‘‘जन-जन की है पुकार, मैं हूं अन्ना’’, ‘‘जनलोकपाल बिल ही है मंजूर’’, ‘‘सरकारी बिल नहीं स्वीकार’’, जैसे नारों की तख्तियां लोग अपने हाथों में लेकर, अपने सीने-पीठ पर लगा कर चल रहे थे।





इसी तरह से समाजसेवियों, राजनेताओं, व्यापारियों और छात्रों के सम्मिलित जुलूस में लगभग पांच सौ के आसपास लोगों ने शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए तहसील गेट की ओर कूच करना शुरू किया। कुछ सौ लोगों के आसपास का जत्था अम्बेडकर चैराहे की ओर से भी चल पड़ा था। शहर की लगभग कर रास्ते पर कोई न कोई किसी न किसी प्रकार से जुलूस की अगुवाई कर रहा था।

तहसील गेट पर 10 बजे के आसपास लगभग एक हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई। विशेष बात यह रही कि दो जत्थों द्वारा कपिल सिब्बल के पुतले भी फूंके गये किन्तु शान्ति को किसी ने भी भंग नहीं किया। अन्ना की कही बात का मान रखते हुए सभी नागरिक पूर्णतः अहिंसात्मक तरीके से अपने हाथों में नारे लगाते हुए अपने विरोध को व्यक्त किया। तहसील गेट पर सभी जत्थों ने एकत्र होकर अपने आपको एक सभा में परिवर्तित कर दिया। जहां सरकार के कदम की भर्तसना की गई, अन्ना की रिहाई की मांग की गई, आन्दोलन को तब तक चलाने का संकल्प लिया गया जब तक कि सरकार की ओर से भ्रष्टाचार के विरोध में स्पष्ट नीति नहीं बनाई जाती है ।





शाम को 4 बजे तक चली आन्दोलनात्मक सभा में सर्वसम्मति से सभी ने प्रत्येक दिन प्रातः 10 बजे से तहसील गेट पर ही अपने आन्दोलन को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। आन्दोलन के क्रम में आज 16 अगस्त को शाम 7 बजे से डी0वी0 कालेज से एक मोमबत्ती जुलूस निकाला जायेगा जो शहीद पार्क पर जाकर रुकेगा। इसके बाद प्रत्येक दिन जब तक कि अन्ना का आन्दोलन चलेगा शहीद पार्क में रात को 8 बजे से 9 बजे तक मोमबत्तियां जलाकर उरई के नागरिक अपना विरोध व्यक्त करेंगे और अन्ना के प्रति अपना समर्थन प्रदर्शित करेंगे।

गोपाल कृष्ण सक्सेना 'पंकज' की ग़ज़ल

बुन्देलखंड के जालौन (उरई )के मूल निवासी एवं मध्य प्रदेश छिदवाडा में अंगेजी साहित्य के प्रोफ़ेसर स्व ० गोपाल कृष्ण सक्सेना 'पंकज ' ने हिंदी ग़ज़ल को एक नई पहचान दी है । प्रस्तुत है उनकी एक ग़ज़ल -
हिंदी ग़ज़ल
उर्दू की नर्म शाख पर रुद्राक्ष का फल है ,
सुदर को शिव बना रही हिंदी ग़ज़ल है ।
इक
शाप ग्रस्त प्यार में खोयी शकुंतला,
दुष्यंत को बुला रही हिंदी ग़ज़ल है ,
ग़ालिब के रंगे शेर में ,खय्याम के घर में,
गंगाजली उठा रही हिंदी ग़ज़ल है ।
फारस की बेटियां है अजंता की गोद में ,
सहरा में गुल खिला रही हिंदी ग़ज़ल है ।
आँखों में जाम , बाँहों में फुटपाथ समेटे ,
मिटटी का सर उइहा रही हिंदी ग़ज़ल है ।
जिस रहगुज़र पर मील के पत्थर नहीं गड़े ,
उन पर नज़र गडा रही ,हिंदी ग़ज़ल है ।
गिनने लगी है उँगलियों पे दुश्मनों के नाम,
अपनों को आजमा रही हिंदी ग़ज़ल है ।
सुख-दुःख ,तलाश ,उलझनें ,संघर्ष की पीड़ा ,
सबको गले लगा रही हिंदी ग़ज़ल है ।
पंकज ने तो सौ बार कहा दूर ही रहना,
होठों पे फिर भी आ रही हिंदी ग़ज़ल है ।

उरई अन्ना के साथ -- तीसरे दिन भी उरई में चला अनशन

जन लोकपाल बिल पास करने की माँग को लेकर अन्ना हजारे का अनशन आज तीसरे दिन भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है। उनके सकारात्मक कदम के साथ और देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के प्रयास में उरईवासियों का भी सहयोग मिल रहा है। उरई में अन्ना हजारे के अनशन के पहले दिन ही एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने तहसील गेट पर सामूहिक उपवास, अनशन रखकर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की थी। इसके बाद जागरूक उरईवासियों ने फैसला लिया कि जब तक अन्ना हजारे का अनशन चलता रहेगा तब तक वे लोग भी उरई में अनशन को जारी रखेंगे।



इस
फैसले के बाद अनशन के दूसरे दिन माहिल तालाब के समीप स्थित सत्संग भवन में अनशन को फिर शुरू किया गया। इसमें शहर के सभी धर्मों, वर्गों के लोगों का सहयोग मिला। इसी कड़ी में आज अन्ना के अनशन के तीसरे दिन भी अनशन जारी रखा गया। आज के इस अनशन में मातृ-शक्ति ने और मीडियाकर्मियों ने भी प्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग प्रदान किया। सामूहिक रूप से अनशन पर बैठे लोगों ने देश के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के नाम एक पत्र भी प्रेषित किया, जिसमें देश को विकास और भ्रष्टाचार मुक्त राह पर ले जाने के लिए जन लोकपाल बिल लाने का अनुरोध किया गया।



इस
अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी एवं पूर्व प्राचार्य डॉ0 सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि अन्ना के अनशन करने से भ्रष्ट मंत्री-नेता डरने लगे हैं और इसी कारण से किसी भी नेता की हिम्मत नहीं हो रही है कि अन्ना के विरोध में खड़ा हो सके। गाँधी महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के डॉ0 राकेश नारायण द्विवेदी ने कहा कि अन्ना हजारे का व्यक्तित्व और स्वच्छ छवि ही समूचे देश में लोगों को आन्दोलन के लिए प्रेरित कर रही है। इस जन-समर्थन के आगे सरकार को जल्द ही झुकना होगा। प्रसिद्ध रंगकर्मी राज पप्पन ने कहा कि अब सियासत से गंदगी हटाने का समय आ गया है। अन्ना ने और उनके समर्थन में जुटे लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति को, देश को आन्दोलन के द्वारा ही शुद्ध किया जा सकता है।



युवा
समाजसेवी डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने बताया कि आज दोपहर स्वामी अग्निवेश के साथ सरकार की बातचीत सिद्ध करती है कि सरकार को भय लगने लगा है। अब वह समय दूर नहीं जबकि अन्ना की और समूचे देशवासियों की आवाज जन लोकपाल बिल के रूप में उभरेगी। सेवा दृष्टि संस्थान के महासचिव सुभाष चन्द्रा ने कहा कि देश को एक क्रान्ति की आवश्यकता थी जो अन्ना के रूप में सामने आई है, भले ही अरब देशों की तरह यहाँ सत्ता परिवर्तन न हो पर सत्ता परिवर्तन की राह अवश्य ही निर्मित होने लगी है। डी0वी0 कालेज के डॉ0 आदित्य कुमार का कहना था कि समूचे आन्दोलन को बिना राजनीतिक रंग दिये पूरे देश का समर्थन मिलना लोकतान्त्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत है। यह हमें और आने वाली पीढ़ी को अवश्य ही लाभान्वित करेगा। डी0वी0 कालेज के डॉ0 रामप्रताप सिंह ने कहा कि हमारा अनशन उस स्थिति तक चलेगा जब तक कि अन्ना हजारे का अनशन चलता है, इसके बाद भी यदि सरकार बिल लाने को तैयार नहीं होती है तो इसका अर्थ होगा कि वह भ्रष्टाचार का समर्थन करती है।

एम
0पी0 कालेज कोंच के डॉ0 जयशंकर तिवारी का कहना था कि समूचे देश से इस तरह का समर्थन मिलना और हम सभी का नियमित रूप से अनशन को जारी रखना इस बात का संकेत है कि अब परिवर्तन की लहर उठ चुकी है जिसको कि सकारात्मक मंजिल प्राप्त करनी शेष है। अन्ना के उपवास के साथ पिछले दो दिनों से उपवास कर रहे युवा रंगकर्मी संतोष ने कहा कि बहुत दिन बाद लगा कि देश में भी सकारात्मक बिन्दुओं पर चिन्तन करने वाले जीवित हैं अन्यथा यहाँ तो लग रहा था कि सभी मशीनी मानव हैं।

अनशन
के दौरान इस बात का भी संकल्प लिया गया कि सभी लोग भ्रष्टाचार-मुक्त राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग करेंगे। इस बात का भी आपस में विश्वास व्यक्त किया गया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलने वाला आन्दोलन अन्ना हजारे के इस उपवास के समय तक ही नहीं चलेगा वरन् इसको नित्यप्रति के कार्य की भाँति स्वीकार किया जायेगा। समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इस बात की ज्योति पहुँचानी है और समाज को स्वच्छ, भ्रष्टाचार विहीन समाज के रूप में परिवर्तित करना है। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या, सुरेन्द्र सिंह कुशवाह, महेन्द्र विक्रम सिंह, सतीश चचौधिया, डॉ0 के0 सी0 गुप्ता, रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, सुरेश चन्द्र, सुधीर त्रिपाठी आदि सहित लगभग 75 लोग उपस्थित रहे।

कल
दिनांक 8 अप्रैल को अनशन का स्थान जिलाधिकारी कार्यालय परिसर निर्धारित किया गया। इसी के साथ सभी ने एकमत से निर्णय लिया कि 9 अप्रैल को शहर में एक जागरूकता मार्च निकाला जायेगा और अधिक से अधिक लोगों को इस आन्दोलन से जोड़ा जायेगा।

अन्ना के समर्थन में उरई में दूसरे दिन भी अनशन जारी

अन्ना हजारे का उपवास दिल्ली में आज दूसरे दिन भी जारी रहा तो यहां उरई में उनके समर्थन में जुटे लोग दूसरे दिन भी अनशन पर बैठे। ज्ञात हो कि कल 5 अप्रैल को अन्ना हजारे के कदम से कदम मिलाते हुए उरई शहर के तथा जनपद के कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पूरे दिन उपवास रखा था।



इसी
कड़ी में इन जागरूक लोगों ने निश्चय किया कि भले ही वे अन्ना हजारे की तरह से अनिश्चितकालीन उपवास न कर सकें, भले ही लगातार अनशन न कर सकें किन्तु जब तक अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हैं उरई में भी अनशन जारी रहेगा। इस विचार के साथ आज दिनांक-6 अप्रैल को सत्संग भवन, माहिल तालाब के पास नगर के, जपनद के जागरूक व्यक्तियों ने अनशन रखा।


इस
अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सम्बोधित करते हुए एक पत्र भी लिखा गया। इसे सामूहिक मार्च निकाल कर किसी प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा जायेगा। इसके अलावा यह भी प्रस्ताव रखा गया कि सभी लोग व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को जन लोकपाल बिल लाने के सम्बन्ध में पत्र प्रेषित करेंगे।

दो दिन का उपवास व्रत लिए इप्टा कलाकार - संतोष
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आज के अनशन की विशेष बात यह रही कि दो-तीन छोटे बच्चों ने भी यहां अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई।



आज
के इस अनशन में आधा सैकड़ा के करीब लोग उपस्थित रहे। इसमें डॉ0 सतीशचन्द्र शर्मा, राज पप्पन, डॉ0 राकेश नारायण द्विवेदी, डॉ0 जयशंकर तिवारी, डॉ0 शिवकुमार पटेल, डॉ0 इन्द्रमणि द्विवेदी, डॉ0 अरुण सिंह, डॉ0 रवीन्द्र त्रिपाठी, डॉ0 अनुज भदौरिया, डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर, संतोष, अंशुमन सेंगर, रामेश्वर प्रसाद तिवारी, देवेन्द्र वर्मा, दुर्गेश कुमार गुप्ता, सन्तोष दीक्षित, हरेन्द्र विक्रम सिंह, सुधीर त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

कल
दिनांक 7 अप्रैल को भी इसी स्थान पर अनशन जारी रहेगा।